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  राम सिया राम सिया राम राम सिया राम लिरिक्स हिंदी में जय श्री रामJai Shri Ram Lyrics in Hindi – Ajay-Atul  शिव चालीसा ॐ जय शिव ओंकारा  जय अम्बे गौरी  ओम जय जगदीश  हनुमान चालीसा  

कबीराKabira Lyrics in Hindi

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कबीरा  Kabira Lyrics in Hindi  Traditional   Jubin Nautiyal Kabira Lyrics in Hindi sung by Jubin Nautiyal. These  Kabir Ke Dohe  lyrics are Traditional and music composed by Raaj Aashoo.   Song: Kabira Singer: Jubin Nautiyal Lyrics: Traditional Music: Raaj Aashoo Label: T-Series Kabira Lyrics in Hindi गुरु गोविन्द दोउ खड़े काके लगो पाय गुरु गोविन्द दोउ खड़े काके लगो पाय बलिहारी गुरु आपने गोविन्द दियो बताये कबीरा गोविन्द दियो बताये बड़ा हुआ तो क्या हुआ जैसे पेड़ खजूर बड़ा हुआ तो क्या हुआ जैसे पेड़ खजूर पंथी को छाया नहीं फल लागे अति दूर कबीरा फल लागे अति दूर ऐसी वाणी बोलिए मन का आप खोय ऐसी वाणी बोलिए मन का आप खोय ओरन को शीतल करें आप हूँ शीतल होए कबीरा आप हूँ शीतल होए जाती ना पूछो साधू की पूछ लीजियो ज्ञान जाती ना पूछो साधू की पूछ लीजियो ज्ञान मोल करो तलवार का पड़ी रहन दो मयान कबीरा पड़ी रहन दो मयान  अन्य भजन  शिव चालीसा ॐ  जय शिव ओंकारा जय अम्बे गौरी ओ म जय जगदीश हनुमान चालीसा

राम सिया राम सिया राम

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राम सिया राम सिया राम, जय जय राम, राम सिया राम सिया राम, जय जय राम॥ मंगल भवन अमंगल हारी, द्रबहुसु दसरथ अजर बिहारी। ॥ राम सिया राम सिया राम...॥ होइ है वही जो राम रच राखा, को करे तरफ़ बढ़ाए साखा। ॥ राम सिया राम सिया राम...॥ धीरज धरम मित्र अरु नारी, आपद काल परखिये चारी। ॥ राम सिया राम सिया राम...॥ जेहि के जेहि पर सत्य सनेहू, सो तेहि मिलय न कछु सन्देहू। ॥ राम सिया राम सिया राम...॥ जाकी रही भावना जैसी, प्रभु मूरति देखी तिन तैसी। ॥ राम सिया राम सिया राम...॥ हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता कहहि सुनहि बहुविधि सब संता। ॥ राम सिया राम सिया राम...॥ रघुकुल रीत सदा चली आई, प्राण जाए पर वचन न जाई। ॥ राम सिया राम सिया राम...॥ राम सिया राम सिया राम, जय जय राम, राम सिया राम सिया राम, जय जय राम॥ 

राम सिया राम लिरिक्स हिंदी में

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राम सिया राम लिरिक्स हिंदी में (Ram Siya Ram Lyrics In Hindi)  Ram Siya Ram Song Details: Song:       Ram Siya Ram Movie:   Adipurush Singer:   Sachet Parampara Lyrics:   Manoj Muntashir Music:   Sachet Parampara Starring:   Prabhas, Kriti Sanon Label:   T-Series कौशल्या, दशरथ के नंदन राम ललाट पे शोभित चन्दन रघुपति की जय बोले लक्ष्मण राम सिया का हो अभिनन्दन अंजनी पुत्र पड़े हैं चरण में राम सिया जपते तन मन में मंगल भवन अमंगल हारी द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी राम सिया राम सिया राम जय जय राम राम सिया राम सिया राम जय जय राम राम सिया राम सिया राम जय जय राम राम सिया राम सिया राम जय जय राम मेरे तन मन धड़कन में सिया राम राम है मन मंदिर के दर्पण में सिया राम राम है तू ही सिया का राम राधा का तू ही श्याम जन्मो जनम का ही ये साथ है मीरा का तू भजन भजते हरी पवन तुलसी में भी लिखी ये बात है मंगल भवन अमंगल हारी द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी राम सिया राम सिया राम जय जय राम राम सिया राम सिया राम जय जय राम राम सिया राम सिया राम जय ज...

जय श्री रामJai Shri Ram Lyrics in Hindi – Ajay-Atul

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Jai Shri Ram Lyrics in Hindi – Ajay-Atul   Jai Shri Ram Song Details: Song Jai Shri Ram Movie: Adipurush Singer Ajay Atul, Various Artists Lyrics Manoj Muntashir Music Ajay Atul Copyright Label  T-Series तेरे ही भरोसे हैं हम तेरे ही सहारे दुबिधा की घड़ी में ये मन तुझे ही पुकारे तेरे ही बल से है बल हमारा तू ही करेगा मंगल हमारा मंत्रो से बड़के तेरा नाम जय श्री राम जय श्री राम जय श्री राम राजा राम जय श्री राम जय श्री राम जय श्री राम राजा राम जय श्री राम जय श्री राम जय श्री राम राजा राम जय श्री राम जय श्री राम जय श्री राम Jai Shri Ram Lyrics Tere Hi Bharose Hai Hum Tere Hi Sahaare Duvidha Ki Ghadi Mein Yeh Mann Tujhko Hi Pukaare Tere Hi Bal Se Hai Bal Humara Tu Hi Karega Mangal Humara Mantron Se Badh’ke Tera Naam Jai Shri Ram Jai Shri Ram Jai Shri Ram Raja Ram Jai Shri Ram Jai Shri Ram Jai Shri Ram Raja Ram Jai Shri Ram Jai Shri Ram Jai Shri Ram Raja Ram Jai Shri Ram Jai Shri Ram Jai Shri Ram Jai Shri Ram Thartharaye Dhara Jo Dhanush Leke Aata Hai Tu Ya Re Ho Jo Asambhav Ko Sambha...

शिव चालीसा

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॥ दोहा ॥ जय गणेश गिरिजा सुवन, मंगल मूल सुजान । कहत अयोध्यादास तुम, देहु अभय वरदान ॥ ॥ चौपाई ॥ जय गिरिजा पति दीन दयाला । सदा करत सन्तन प्रतिपाला ॥ भाल चन्द्रमा सोहत नीके । कानन कुण्डल नागफनी के ॥ अंग गौर शिर गंग बहाये । मुण्डमाल तन क्षार लगाए ॥ वस्त्र खाल बाघम्बर सोहे । छवि को देखि नाग मन मोहे ॥ 4 मैना मातु की हवे दुलारी । बाम अंग सोहत छवि न्यारी ॥ कर त्रिशूल सोहत छवि भारी । करत सदा शत्रुन क्षयकारी ॥ नन्दि गणेश सोहै तहँ कैसे । सागर मध्य कमल हैं जैसे ॥ कार्तिक श्याम और गणराऊ । या छवि को कहि जात न काऊ ॥ 8 देवन जबहीं जाय पुकारा । तब ही दुख प्रभु आप निवारा ॥ किया उपद्रव तारक भारी । देवन सब मिलि तुमहिं जुहारी ॥ तुरत षडानन आप पठायउ । लवनिमेष महँ मारि गिरायउ ॥ आप जलंधर असुर संहारा । सुयश तुम्हार विदित संसारा ॥ 12 त्रिपुरासुर सन युद्ध मचाई । सबहिं कृपा कर लीन बचाई ॥ किया तपहिं भागीरथ भारी । पुरब प्रतिज्ञा तासु पुरारी ॥ दानिन महँ तुम सम कोउ नाहीं । सेवक स्तुति करत सदाहीं ॥ वेद नाम महिमा तव गाई। अकथ अनादि भेद नहिं पाई ॥ 16 प्रकटी उदधि मंथन में ज्वाला । जरत सुरासुर भए विहाला ॥ कीन्ही दया तहं करी स...

ॐ जय शिव ओंकारा

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 ॐ जय शिव ओंकारा, स्वामी जय शिव ओंकारा। ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव, अर्द्धांगी धारा ॥ ॐ जय शिव ओंकारा...॥ एकानन चतुरानन पंचानन राजे । हंसासन गरूड़ासन वृषवाहन साजे ॥ ॐ जय शिव ओंकारा...॥ दो भुज चार चतुर्भुज दसभुज अति सोहे । त्रिगुण रूप निरखते त्रिभुवन जन मोहे ॥ ॐ जय शिव ओंकारा...॥ अक्षमाला वनमाला, मुण्डमाला धारी । चंदन मृगमद सोहै, भाले शशिधारी ॥ ॐ जय शिव ओंकारा...॥ श्वेताम्बर पीताम्बर बाघम्बर अंगे । सनकादिक गरुणादिक भूतादिक संगे ॥ ॐ जय शिव ओंकारा...॥ कर के मध्य कमंडल चक्र त्रिशूलधारी । सुखकारी दुखहारी जगपालन कारी ॥ ॐ जय शिव ओंकारा...॥ ब्रह्मा विष्णु सदाशिव जानत अविवेका । प्रणवाक्षर में शोभित ये तीनों एका ॥ ॐ जय शिव ओंकारा...॥ त्रिगुणस्वामी जी की आरति जो कोइ नर गावे । कहत शिवानंद स्वामी सुख संपति पावे ॥ ॐ जय शिव ओंकारा...॥ ******** लक्ष्मी व सावित्री पार्वती संगा । पार्वती अर्द्धांगी, शिवलहरी गंगा ॥ ॐ जय शिव ओंकारा...॥ ************* पर्वत सोहैं पार्वती, शंकर कैलासा । भांग धतूर का भोजन, भस्मी में वासा ॥ ॐ जय शिव ओंकारा...॥ जटा में गंग बहत है, गल मुण्डन माला । शेष नाग लिपटावत, ओढ़त मृगछाला ॥...

जय अम्बे गौरी

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जय अम्बे गौरी,  मैया जय श्यामा गौरी  तुमको निशदिन ध्यावत, हरि ब्रह्मा शिवरी ॥ ॐ जय अम्बे गौरी..॥ मांग सिंदूर विराजत, टीको मृगमद को । उज्ज्वल से दोउ नैना, चंद्रवदन नीको ॥ ॐ जय अम्बे गौरी..॥ कनक समान कलेवर, रक्ताम्बर राजै । रक्तपुष्प गल माला, कंठन पर साजै ॥ ॐ जय अम्बे गौरी..॥ केहरि वाहन राजत, खड्ग खप्पर धारी । सुर-नर-मुनिजन सेवत, तिनके दुखहारी ॥ ॐ जय अम्बे गौरी..॥ कानन कुण्डल शोभित, नासाग्रे मोती । कोटिक चंद्र दिवाकर, सम राजत ज्योती ॥ ॐ जय अम्बे गौरी..॥ शुंभ-निशुंभ बिदारे, महिषासुर घाती । धूम्र विलोचन नैना, निशदिन मदमाती ॥ ॐ जय अम्बे गौरी..॥ चण्ड-मुण्ड संहारे, शोणित बीज हरे । मधु-कैटभ दोउ मारे, सुर भयहीन करे ॥ ॐ जय अम्बे गौरी..॥ ब्रह्माणी, रूद्राणी, तुम कमला रानी । आगम निगम बखानी, तुम शिव पटरानी ॥ ॐ जय अम्बे गौरी..॥ चौंसठ योगिनी मंगल गावत, नृत्य करत भैरों । बाजत ताल मृदंगा, अरू बाजत डमरू ॥ ॐ जय अम्बे गौरी..॥ तुम ही जग की माता, तुम ही हो भरता, भक्तन की दुख हरता । सुख संपति करता ॥ ॐ जय अम्बे गौरी..॥ भुजा चार अति शोभित, वर मुद्रा धारी । [खड्ग खप्पर धारी] मनवांछित फल पावत, सेवत नर न...

ओम जय जगदीश

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 ॐ जय जगदीश हरे स्वामी जय जगदीश हरे भक्त जनों के संकट दास जनों के संकट क्षण में दूर करे ॐ जय जगदीश हरे जो ध्यावे फल पावे दुःख बिन से मन का स्वामी दुख बिन से मन का सुख सम्पति घर आवे धन दौलत घर आवे कष्ट मिटे तन का ॐ जय जगदीश हरे मात पिता तुम मेरे शरण गहूं में किसकी स्वामी शरण गहूं में किसकी तुम बिन और ना दूजा प्रभु बिन और ना दूजा आस करूँ जिसकी ॐ जय जगदीश हरे तुम पूरण परमात्मा तुम अंतरियामी स्वामी तुम अंतरियामी पार ब्रह्म परमेश्वर पार ब्रह्म परमेश्वर तुम सबके स्वामी ॐ जय जगदीश हरे तुम करुणा के सागर तुम पालन करता स्वामी तुम पालन करता मैं मूरख खलकामी मैं सेवक तुम स्वामी कृपा करो भर्ता ॐ जय जगदीश हरे तुम हो एक अगोचर सबके प्राण पति स्वामी सबके प्राण पति किस विध मिलु दयामय किस विध मिलु दयामय तुम को मैं कुमति ॐ जय जगदीश हरे दीन बन्धु दुःख हर्ता तुम ठाकुर  मेरे स्वामी तुम रक्षक मेरे अपने हाथ उठाओ अपनी शरण लगाओ द्वार पड़ा में तेरे ॐ जय जगदीश हरे विषय-विकार मिटाओ  पाप हरो देवा स्वामी कष्ट हरो देवा श्रद्धा भक्ति बढ़ाओ मन सा प्रेम बढ़ाओ सन्तन की सेवा ॐ जय जगदीश हरे तन मन धन सब कुछ है त...

हनुमान चालीसा hanuman chalisa lyrics

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हनुमान चालीसा hanuman chalisa lyrics  दोहा :  श्रीगुरु चरन सरोज रज, निज मनु मुकुरु सुधारि। बरनऊं रघुबर बिमल जसु, जो दायक फल चारि।।  बुद्धिहीन तनु जानिके, सुमिरौं पवन-कुमार। बल बुद्धि बिद्या देहु मोहिं, हरहु कलेस विकार।।    चौपाई :   जय हनुमान ज्ञान गुण सागर। जय कपीस तिहुं लोक उजागर।।   रामदूत अतुलित बल धामा। अंजनि-पुत्र पवनसुत नामा।।   महाबीर विक्रम बजरंगी। कुमति निवार सुमति के संगी।।   कंचन बरन बिराज सुबेसा। कानन कुंडल कुंचित केसा।।   हाथ बज्र और ध्वजा बिराजै। कांधे मूंज जनेऊ साजै।   शंकर सुवन केसरीनंदन। तेज प्रताप महा जग वन्दन।।   विद्यावान गुनी अति चातुर। राम काज करिबे को आतुर।।   प्रभु चरित्र सुनिबे को रसिया। राम लखन सीता मन बसिया।।   सूक्ष्म रूप धरि सियहिं दिखावा। विकट रूप धरि लंक जरावा।।   भीम रूप धरि असुर संहारे। रामचंद्र के काज संवारे।।   लाय सजीवन लखन जियाये। श्रीरघुबीर हरषि उर लाये।।   रघुपति कीन्ही बहुत बड़ाई। तुम मम प्रिय भरतहि सम भाई।।   सहस बदन तुम्हरो जस गावैं। अस कहि श्रीपति कंठ लगाव...